उज्जैन। बारिश के दौरान शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में खुली पड़ी डीपी से कभी भी हादसा हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार बिजली कंपनी को इसका कोई ध्यान ही नहीं है। ज्यादातर डीपी खुली पड़ी हैं। इनमें से कई ट्रांसफार्मर प्रमुख बाजारों में लगे हुए हैं। कुछ ट्रांसफार्मर चौराहों के पास भी हैं। इन ट्रांसफार्मरों से लोगों को दूर रखने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए हैं। ऐसे ही एक डीपी पिछले कई महीने से खुली अवस्था में निजातपुरा क्षेत्र में है जिसके करंट के तार व कट आउट दिखाई दे रहे हैं ना ही इसे तार फेंसिंग कर सुरक्षित किया गया है डीपी रोड के नजदीक है और इस मार्ग से रोज काफी लोग आवाजाही करते हैं ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है।
दरअसल शहर में ही कई जगह ऐसी हैं जहां डीपी खुली अवस्था में है।जहां हादसे होने की संभावना ज्यादा रहती है। कई दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें इन खुली डीपी के पास ही बना रखी हैं जिसके चलते कभी कोई हादसा होता है तो उनको सबसे ज्यादा खतरा बना रहता है। कई जगह तो हालत ऐसी है कि डीपी इतनी नीचे हैं कि उसे आसानी से छोटे बच्चे भी टच कर सकते हैं। बारिश का सीजन चल रहा है ऐसे में हादसे होने की संभावना भी ज्यादा रहती है।
अधिकांश ट्रांसफार्मर के ऐसे ही हालात
अधिकांश ट्रांसफार्मर के खुली डीपी से करंट लगने का खतरा रहता है। त्योहारी सीजन में जब बिजली पर लोड बढ़ जाता है। तो बिजली के तार टूटने या ट्रांसफार्मर में फाल्ट होता है। ऐसे में ट्रांसफार्मर के नीचे या आसपास दुकान लगाने वालों को शारीरिक एवं आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। खुले तारों, खुली डीपी एवं नंगे तारों से आवारा पशु एवं पक्षी टकराकर गंभीर घायल हो जाते है या मर जाते हैं।
सालों से इसी हाल में कई डीपी
फ्रीगंज, हरीफाटक, जिला पंचायत के समीप भी डीपी खुली पड़ी है डीपी के अंदर से केबल व कट आउट दिखाई दे रहे हैं पिछले कई महीने से इन क्षेत्रों में डीपी खुली पड़ी हुई है कई बार चिंगारियां निकलती हैं। बावजूद इसके बिजली विभाग की ओर से इन एरिए को कवर नहीं किया गया। सालों से इसी हाल में ये डीपी है। इन मार्ग पर हमेशा लोगों की आवाजाही लगी रहती है लेकिन यहां खुली अवस्था में लगी इस डीपी की और विद्युत मंडल के अधिकारों का ध्यान नहीं है कभी भी इससे हादसा हो सकता है।